सिंगरौली जिले में 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत, 5 वर्ष तक के बच्चों की घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पौष्टिक आहार पर जोर। प्रशासन की कड़ी निगरानी में चलेगा स्वास्थ्य मिशन।
सिंगरौली, 21 जुलाई 2025 : जिलेभर में 22 जुलाई से 16 सितम्बर तक ‘दस्तक अभियान’ शुरू होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य 5 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। यह अभियान राज्य सरकार द्वारा हर जिले में संचालित किया जा रहा है, ताकि बाल मृत्यु दर को कम किया जा सके और नवजातों में बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके।
किस तरह चलेगा अभियान?
प्रशासन की देखरेख में प्रशिक्षित टीम : जिसमें एएनएम, आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कर्मचारी शामिल हैं — घर-घर जाकर बच्चों की फिजिकल जांच करेंगी। बच्चों को विटामिन ए, जिंक टेबलेट, ओआरएस घोल तथा जिन बच्चों में कमी पाई जाएगी, उन्हें अतिरिक्त पोषण आहार दिया जाएगा। इसके अलावा एनीमिया, निमोनिया और डायरिया जैसे रोगों की स्क्रीनिंग और जरूरी उपचार सुनिश्चित किए जाएंगे।
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प्रशासन की सख़्त निगरानी
अभियान की तैयारियों का जायजा लेते हुए कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला ने आदेश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। प्रत्येक शिविर में 5 साल तक के बच्चों की जांच अनिवार्य की गई है। शिविरों के अलावा, सूची से छूटे बच्चों की घर-घर जाकर भी जांच होगी, ताकि कोई बच्चा सेवाओं से वंचित न रह जाए।कलेक्टर ने सतत मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और शत-प्रतिशत टीकाकरण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सामूहिक प्रयास
बैठक में जिला प्रशासन, पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों ने भाग लिया। विभागीय टास्क फोर्स की सक्रियता के साथ ही, जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित शिविरों में पहुंचकर अपने बच्चों की जांच व टीकाकरण कराएं।
क्यों है दस्तक अभियान ज़रूरी?
मध्यप्रदेश में हर साल हजारों बच्चे कुपोषण, निमोनिया और डायरिया की चपेट में आकर बीमार होते हैं। ‘दस्तक’ अभियान के माध्यम से न केवल बीमारियों की समय रहते पहचान होगी, बल्कि बचाव और उपचार की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यापक अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



