पंजाब ने शिक्षा में रचा इतिहास, 11वीं से उद्यमिता (Entrepreneurship) बना मुख्य विषय

Shabana Parveen

Editor | Updated: 31 Aug 2025, 07:43 PM IST | 1 min read
पंजाब ने शिक्षा में रचा इतिहास, 11वीं से उद्यमिता (Entrepreneurship) बना मुख्य विषय
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पंजाब ने भारत में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए स्कूली शिक्षा में बदलाव की नई इबारत लिख दी है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2025–26 से राज्य के सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की 11वीं कक्षा में उद्यमिता (Entrepreneurship) को एक मुख्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कदम के साथ पंजाब पहला राज्य बन गया है, जहाँ बच्चे पढ़ाई के दौरान ही व्यवसायिक विचारों पर काम करेंगे और उन्हें व्यावहारिक स्वरूप देंगे।

शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की घोषणा की। अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रयास पारंपरिक नौकरियों की मानसिकता से आगे बढ़कर युवाओं को “नौकरी देने वाला” और “नवाचार करने वाला” बनाने पर केंद्रित है।

कैसे होगा पाठ्यक्रम

  • यह विषय परीक्षा आधारित नहीं होगा।
  • पढ़ाई का तरीका अनुभव और परियोजनाओं पर आधारित होगा।
  • छात्र समूह में काम करेंगे, व्यावसायिक विचार तैयार करेंगे और प्रोटोटाइप बनाएंगे।
  • उन्हें शुरुआती फंड के लिए आवेदन का मौका भी मिलेगा।
  • छात्र अपने उत्पाद और सेवाएँ लॉन्च करने की कोशिश करेंगे।
  • मूल्यांकन की प्रक्रिया भी अलग होगी। इसमें स्व-मूल्यांकन, सहकर्मी-मूल्यांकन और शिक्षक द्वारा मूल्यांकन शामिल रहेगा।
  • प्रति वर्ष 18 पीरियड होंगे। इनमें 3 पीरियड थ्योरी और 15 प्रोजेक्ट वर्क पर आधारित होंगे। इससे छात्रों पर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।

उद्देश्य 

राज्य सरकार का अनुमान है कि यदि केवल 10% छात्र भी व्यावसायिक विचारों को सफलतापूर्वक लागू करते हैं तो इसका वार्षिक आर्थिक योगदान 300–400 करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन होगा बल्कि विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, समस्या-समाधान और नेतृत्व की क्षमता भी विकसित होगी।

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पंजाब सरकार ने पहले ‘बिज़नेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम’ चलाकर छात्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित किया था, जो अब 1.8 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे औपचारिक विषय बनाने से यह पहल और व्यापक प्रभाव डालेगी। यह कदम केवल शिक्षा सुधार नहीं है बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक क्रांति की शुरुआत है।

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पंजाब आज भारत के सामने एक ऐसा मॉडल रख रहा है, जहाँ कक्षा अब प्रयोगशाला बनेगी और शिक्षक मार्गदर्शक उद्यमिता कोच। आने वाले समय में यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में युवाओं को नए अवसरों की ओर अग्रसर करेगी।

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