नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन : पीएम मोदी ने जेवर से दी बड़ी सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। जानिए इसकी क्षमता, लागत, रोजगार और आर्थिक प्रभाव से जुड़ी पूरी जानकारी।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 28 Mar 2026, 11:15 AM IST | 1 min read
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन : पीएम मोदी ने जेवर से दी बड़ी सौगात
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उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया गया। यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है और देश के एविएशन सेक्टर में एक नया अध्याय जोड़ती है।

यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, जिससे क्षेत्र में बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसकी प्रारंभिक लागत करीब 11,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

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पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना लगभग 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तार देकर 2036-2040 तक 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

एयरपोर्ट में 3900 मीटर लंबा रनवे, 48 चेक-इन काउंटर और 10 बोर्डिंग गेट बनाए गए हैं, जिससे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा।

कार्गो और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन : पीएम मोदी ने जेवर से दी बड़ी सौगात

इस एयरपोर्ट का कार्गो टर्मिनल भी खास है। पहले चरण में इसकी क्षमता लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना रखी गई है, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है।

इससे उत्तर भारत के निर्यात और ई-कॉमर्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है और लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी।

रोजगार और आर्थिक प्रभाव

सरकार के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और औद्योगिक विकास को गति देगी। हालांकि, कुछ स्थानीय युवाओं ने रोजगार के अवसरों को लेकर चिंता भी जताई है, क्योंकि अभी तक अपेक्षित नौकरियां पूरी तरह नहीं मिल सकी हैं।

सुरक्षा और तैयारियां

उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 5000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ पांच स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

भविष्य की योजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें सड़क, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी शामिल होगी। आने वाले वर्षों में यहां कई रनवे और टर्मिनल बनाए जाएंगे, जिससे यह भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।

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