सिंगरौली में प्रभारी मंत्री संपतिया उईके ने जिले के निर्माण व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में तेज कार्य एवं गुणवत्ता बरकरार रखने के निर्देश दिए, अनुपस्थित अधिकारी पर कार्रवाई आदेश। पाइपलाइन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि विभागों को भी मिले अहम निर्देश।
सिंगरौली, 23 जुलाई 2025।जिले के बहुप्रतीक्षित विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सिंगरौली कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने की। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में चल रहे सभी निर्माण व विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
बैठक में जिले के प्रमुख विधायकों, कलेक्टर श्री चंद्रशेखर शुक्ला, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष खत्री, महापौर और अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की उपस्थिति रही। मंत्री उईके ने स्वीकृत निर्माण परियोजनाओं का भूमि पूजन व पूर्ण कार्यों के लोकार्पण के लिए जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
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अनुपस्थित अधिकारी पर कार्रवाई के कड़े संकेत
बैठक की शुरुआत में जब एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक के गैरहाजिर रहने की जानकारी सामने आई, तो मंत्री ने सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी का इस तरह बैठक में अनुपस्थित रहना और सड़कों की मरम्मत प्रगति की जानकारी न देना घोर लापरवाही है, जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका रहती है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।
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जल आपूर्ति, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पर केंद्रित रहे सवाल
मंत्री उईके ने जिले में चल रही बड़ी जल परियोजनाओं और ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि निर्धारित समयसीमा में पाईपलाइन और नल-जल कनेक्शन का कार्य पूरा कर हर परिवार तक दिसंबर 2025 तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पाइप की गुणवत्ता और थर्ड पार्टी निरीक्षण पर भी बल दिया।
सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर उन्होंने प्रगति रिपोर्ट मांगी और कहा कि गहरे गड्ढों या क्षतिग्रस्त रास्तों की त्वरित मरम्मत हो, ताकि मॉनसून में आवागमन बाधित न हो।
स्वास्थ्य विभाग को मानसूनी बीमारियों से निपटने के लिए सतत निगरानी, आवश्यक दवाओं का भंडारण और हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान शिक्षा, कृषि और बिजली विभागों की भी विस्तार से समीक्षा हुई।
स्वच्छता और स्मार्ट सिटी को लेकर दिए गए निर्देश
मंत्री ने नगर निगम की स्वच्छता रैंकिंग पर संतोष जताते हुए शहर को और बेहतर बनाने व स्मार्ट सिटी के मास्टर प्लान को तेजी से तैयार करने पर भी जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों से समन्वय की अपील
बैठक के अंतिम चरण में उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की समस्याओं के निराकरण के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बढ़ाने, और निर्माण कार्यों को तेज गति से पूरा करने के विशेष निर्देश दिए।



