मऊगंज में जल जीवन मिशन की बड़ी लापरवाही, टेस्टिंग के दौरान गिरी पानी की टंकी

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान गिर गई। घटिया निर्माण पर सवाल, सब-इंजीनियर निलंबित।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 29 Mar 2026, 01:24 PM IST | 1 min read
मऊगंज में जल जीवन मिशन की बड़ी लापरवाही, टेस्टिंग के दौरान गिरी पानी की टंकी
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मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से जल जीवन मिशन के तहत एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक लगभग तैयार पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान ही भरभरा कर गिर गई। यह घटना खटखरी गांव में हुई, जिसने सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी करीब 75 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही थी। टंकी का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका था और उद्घाटन से पहले इसकी टेस्टिंग की जा रही थी। जैसे ही इसमें पानी भरा गया, टंकी में लीकेज शुरू हुआ और कुछ ही समय में पूरी संरचना ढह गई।

गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे ग्रामीणों को मिलने वाली पेयजल सुविधा पर बड़ा असर पड़ा है। गांव के लोगों को अब और लंबे समय तक साफ पानी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

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सब-इंजीनियर निलंबित

मऊगंज में जल जीवन मिशन की बड़ी लापरवाही, टेस्टिंग के दौरान गिरी पानी की टंकी

घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सब-इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में गंभीर गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आई हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी और संभावित भ्रष्टाचार के कारण यह हादसा हुआ।

योजना पर उठे सवाल

जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत देश में करोड़ों घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक लगभग 75% ग्रामीण घरों को नल कनेक्शन मिल चुका है।

हालांकि, मऊगंज की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन में अभी भी कई खामियां मौजूद हैं। इससे पहले भी कई राज्यों में जल जीवन मिशन के तहत बने ढांचों में लीकेज और खराब गुणवत्ता की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

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