मध्य प्रदेश में आये दिन भ्रष्टाचार के मामले आते रहते हैं, वो भी ऐसा वैसा कोई नहीं बल्कि सरकारी दफ्तरों में ही इस तरह की कार्य प्रणाली चल रही है। जहां गरीब और असहाय लोगों को प्रताड़ित कर उनसे काम के एवज में रिश्वत की मांग की जाती है और जब तक मांगी गई राशि नहीं मिल जाती तब तक उसे दफ्तरों का चक्कर लगवाते रहते हैं। जिससे प्रताड़ित होकर वो मुह-मांगी कीमत देने के लिए नतमस्तक हो जाते हैं। ऐसा ही सिंगरौली जिले भ्रष्टाचार से तंगाकर दफ्तरों में भटकते रहते हैं। यूं कहा जाये तो यहां सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का राज है।
लोकायुक्त पुलिस ने देवसर तहसीलदार के कम्पूटर ऑपरेटर को 2 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।#Lokayuktraid #Deosar #Singrauli #Tehsildar #Corruption pic.twitter.com/FmH3sUmmKW
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— Rakesh Kumar Vishwakarma (@RakeshK06095849) August 7, 2025
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कम्पूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते ट्रैप
आज सिंगरौली जिले के देवसर तहसील में लोकायुक्त पुलिस का छापा पड़ा है। जहां तहसीलदार के कम्पूटर ऑपरेटर लाल सिंह पटेल को लोकायुक्त पुलिस ने दो हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा और कार्यवाही जारी है। आपको जानकारी के लिए बता दें की जमीन बंटवारे के आदेश को पारित करवाने के नाम पर देवसर तहसील में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रेमलाल पटेल ने किसान कमल प्रसाद मिश्रा से 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत कमल प्रसाद मिश्रा ने रीवा लोकायुक्त से की। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ऑपरेटर प्रेमलाल पटेल को 2 हजार रुपये नगद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।



