मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से भटका अफ्रीकी मूल का चीता ‘KP-2’ करीब 55 दिनों तक राजस्थान के विभिन्न गांवों में भटकने के बाद आखिरकार वापस लाया गया है। इस दौरान चीते की मौजूदगी ने ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना दिया था, क्योंकि उसने कई स्थानों पर मवेशियों का शिकार किया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह चीता अपने निर्धारित क्षेत्र से निकलकर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवहार “नेचुरल रेंज एक्सपेंशन” यानी प्राकृतिक रूप से अपने क्षेत्र का विस्तार करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंकाओं को भी बढ़ाती हैं।
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गांवों में दहशत और मवेशियों का नुकसान
राजस्थान के कई गांवों में ‘KP-2’ के देखे जाने की खबरों ने स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीते ने कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वन विभाग की टीम लगातार चीते की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और उसे सुरक्षित पकड़ने की कोशिश में जुटी थी।
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सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
करीब दो महीने तक चले ट्रैकिंग ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम ने चीते को ट्रैंक्विलाइज़ कर सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इसके बाद उसे वापस कूनो नेशनल पार्क लाया गया, जहां उसकी स्वास्थ्य जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि चीता पूरी तरह स्वस्थ है और उसे निगरानी में रखा गया है।



