सिंगरौली ।। “सशक्त नारी एवं आदिवासी गौरव सम्मेलन” के आमंत्रण कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सिंगरौली जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताते हुए आरोप लगाया है कि एक आदिवासी महिला होने और जिले की निर्वाचित प्रमुख जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें इस आमंत्रण में जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया।
सोनम सिंह ने फेसबुक पोस्ट में लिखा
“मैं भी एक आदिवासी महिला हूं और सिंगरौली जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष हूं। मुझे यह स्थान जनता ने दिया है, लेकिन आमंत्रण कार्ड में जानबूझकर मेरा नाम नहीं जोड़ा गया ताकि मुझे नीचा दिखाया जा सके। क्या इसी तरह सरकार अधिकारी नारियों और आदिवासियों का गौरव बढ़ा रही है?”
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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हो रहा कार्यक्रम
यह कार्यक्रम 4 जुलाई 2025 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरई में दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा। आमंत्रण पत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, आदिवासी मंत्री संपतिया उईके समेत कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का नाम तो शामिल है, लेकिन जिले की निर्वाचित महिला जिला पंचायत अध्यक्ष को नजरअंदाज करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
विपक्ष ने भी साधा निशाना
विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। एक आदिवासी महिला प्रतिनिधि का इस तरह अपमान आदिवासी गौरव सम्मेलन की आत्मा के विपरीत बताया जा रहा है।
भाजपा द्वारा सिंगरौली की आदिवासी महिला जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह जी को भाजपा के ‘सशक्त नारी आदिवासी गौरव सम्मेलन’ से दूर रखना, पूरे आदिवासी समाज का सीधा अपमान है। pic.twitter.com/dhxTlDezCZ
— Kamleshwar Patel (@Kamleshwar_INC) July 3, 2025
प्रशासन की चुप्पी
पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है



