नागपुर : विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) के सभागार में शनिवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विज्ञान, तकनीक और आर्थिक मजबूती को भारत के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने देश के युवाओं, शिक्षाविदों और उद्योगजगत को आत्मनिर्भरता व नवाचार की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
यह आयोजन वीएनआईटी में तकनीकी शिक्षा एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रखा गया था। गडकरी ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर रोशनी डाली और इस बात पर जोर दिया कि तकनीक और आर्थिक शक्ति के बिना कोई राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय पटल पर मजबूती से नहीं टिक सकता।
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गडकरी ने कहा, “दुनिया के कई राष्ट्र आज दबदबा इसलिए बना पा रहे हैं क्योंकि उनके पास आधुनिक तकनीक और मजबूत अर्थव्यवस्था है। ऐसे में भारत को अपने निर्यात को बढ़ाने और आयात को घटाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमें उद्दात्त सोच की ओर धकेलती है, जहां ‘विश्व कल्याण’ सर्वोपरि है।
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विज्ञान और तकनीक ही समाधान की चाबी
कार्यक्रम में गडकरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “वर्तमान समय में सभी वैश्विक समस्याओं का समाधान सिर्फ विज्ञान और तकनीक के जरिए ही संभव है। हमें ज्ञान और अनुसंधान को अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाना होगा।” उन्होंने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे स्टार्टअप, इनोवेशन और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा दें।
भारत – विश्वगुरु बनने की राह पर
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी केंद्रीय मंत्री की विचारधारा का समर्थन किया। वीएनआईटी निदेशक ने बताया कि संस्थान अब नई अनुसंधान परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिससे भविष्य के उद्योगों की आवश्यकता पूरी की जा सके।



