Urjanchal Tiger
गुरुवार, 27 अगस्त 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Advertisement
Welcome Gift: 2,000 Reward Points

SBI BPCL Credit Card - Best Card for fuel!

बढ़ते तेल कि कीमत पर बचत !
SBI
Apply Now

गोरखपुर में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गिनाईं कमियां, कहा- ‘यह मुख्यमंत्री का शहर है’

गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली, पानी, सफाई और नशे जैसी समस्याओं पर चिंता जताई।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 07 Aug 2026, 07:01 AM IST | 1 min read
गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने बिजली, पानी, सफाई और नशे जैसी समस्याओं पर चिंता जताई।
Share:
Advertisement

गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन के दौरान शहर की व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री का शहर हो, वहां बुनियादी सुविधाओं में कमियां नहीं होनी चाहिए।

राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा, “जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बतानी ही पड़ेगी। यह गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री हैं। वहां ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?”

CM City में कमियां और भ्रष्टाचार तो और जगहों का क्या होगा?

अपने संबोधन में राज्यपाल ने शहर में बिजली, पानी, पंखों की व्यवस्था, साफ-सफाई, तथा नशे (ड्रग्स और शराब) जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए इन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

उन्होंने संकेत दिया कि विकास के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक चुनौतियों पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।

Advertisement

प्रशासन को दिया संदेश

राज्यपाल का संबोधन केवल कमियां गिनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को व्यवस्थाओं में सुधार लाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों और शहर की मूलभूत सुविधाओं का स्तर लगातार बेहतर होना चाहिए।

चर्चा में आया बयान

राज्यपाल के इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इसे प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement