Former Prime Minister Dr. Manmohan Singh : भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 33 साल का संसदीय शासन आज ख़त्म हो जाएगा। “आर्थिक सुधारों” के “प्रवर्तक” माने जाने वाले 91 वर्षीय मनमोहन सिंह अक्टूबर 1991 में पहली बार राज्य सभा के सदस्य बने। वह 1991 से 1996 तक भारत रत्न पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे और 2004 से 2014 तक देश के प्रधान मंत्री।
- नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे मनमोहन अक्टूबर 1991 में असम से राज्यसभा के सदस्य बने।
- वह 1995, 2001, 2007 और 2013 में राज्यसभा के सदस्य बने।
- वह 1999 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव हार गए।
- वह 1998 से 2004 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे।
- वह 2004 से 2014 तक प्रधान मंत्री रहे और लोकसभा के सदस्य रहे।
- असम से राज्यसभा सदस्यता 14 जून 2019 को समाप्त हो गई ।
- भाजपा के मदन लाल सैनी की मृत्यु के बाद 19 अगस्त 2019 को उपचुनाव जीतकर वह राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुने गए।
मल्लिकार्जुन खड़गे का पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पत्र
इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा, ‘तीन दशक से अधिक समय तक सेवा करने के बाद, आज, जब आप राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, यह एक युग का अंत है।’ मुझे याद है कि राष्ट्रपति ओबामा ने आपके बारे में कहा था कि जब भी भारतीय प्रधानमंत्री बोलते हैं, तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती है। व्यक्तिगत रूप से, आपके मंत्रिमंडल का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
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My letter to Former Prime Minister, Dr Manmohan Singh ji as he retires from Rajya Sabha, today.
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As you retire today from the Rajya Sabha after having served for more than three decades, an era comes to an end. Very few people can say they have served our nation with more… pic.twitter.com/jSgfwp4cPQ
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 2, 2024
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