सिंगरौली जिले में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण को लेकर नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह निर्णय भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत लिया गया है। नई व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
किसे मिलेगी सबसे पहले गैस सप्लाई
नई गाइडलाइन के अनुसार, सबसे अधिक प्राथमिकता शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को दी गई है। कुल 30 प्रतिशत आवंटन इस श्रेणी के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें उनकी आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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दूसरी प्राथमिकता में कौन-कौन शामिल
दूसरी श्रेणी में 35 प्रतिशत आवंटन रखा गया है। इसमें पुलिस, जेल, सुरक्षा बल, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय विभाग के आवासीय संस्थान, एयरपोर्ट, रेलवे सेवाएं और दीनदयाल रसोई योजना शामिल हैं।
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होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए नियम
तीसरी प्राथमिकता के तहत 25 प्रतिशत गैस आवंटन होटल, रेस्टोरेंट, केटरिंग सेवाएं, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिलेगा। इससे इन व्यवसायों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
उद्योगों के लिए सीमित आवंटन
चतुर्थ श्रेणी में केवल 5 प्रतिशत गैस आवंटन फार्मास्युटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फीड और बीज प्रसंस्करण उद्योगों के लिए निर्धारित किया गया है।
अन्य मामलों में क्या होगा
अन्य संस्थानों और उद्योगों के लिए आवश्यकता के आधार पर केस-टू-केस निर्णय लिया जाएगा।
कलेक्टर गौरव बैनल ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण, कम वजन, कालाबाजारी और घरेलू उपयोग में अवैध डायवर्जन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
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