बड़ी ख़बर : मध्यप्रदेश के सभी जिलों में बनेगा पुलिस शिकायत बोर्ड !

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 09 Oct 2025, 05:07 PM IST | 1 min read
बड़ी ख़बर : मध्यप्रदेश के सभी जिलों में बनेगा पुलिस शिकायत बोर्ड !
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MP News : मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीजीपी ने सभी जिलों में पुलिस शिकायत बोर्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। यह कदम पुलिस जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब हर जिले में बनेगा पुलिस शिकायत बोर्ड

मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित पुलिस शिकायत बोर्ड का गठन अब फिर से सक्रिय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, हर जिले में इस समिति का गठन अनिवार्य है। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करना है।

डीजीपी ने हाल ही में सभी जिलों को आदेश जारी किया है कि समिति का गठन तुरंत किया जाए। कई जिलों में अधिकारी अब तक प्रक्रिया को टालते रहे थे। अब हर शिकायत, जांच और अधिकारी के कदाचार की समीक्षा इस बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।

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बोर्ड की अध्यक्षता संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पुलिस जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार साबित हो सकता है। बशर्ते, समिति नियमित रूप से सक्रिय होकर काम करे।

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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्देश

साल 2006 में प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुधारों पर सात बड़े निर्देश दिए थे। इनका लक्ष्य पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त कर पेशेवर और जवाबदेह बनाना था।

बड़ी ख़बर : मध्यप्रदेश के सभी जिलों में बनेगा पुलिस शिकायत बोर्ड !

मध्यप्रदेश में वर्ष 2010 और 2018 में इन निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस शिकायत प्राधिकरण बनाया गया था। लेकिन बाद के वर्षों में समिति निष्क्रिय हो गई। प्रभारी मंत्रियों ने बैठकों में निगरानी या समीक्षा नहीं की। इसी कारण समिति का कार्य रुक गया। अब 25 सितंबर को डीजीपी ने नए सिरे से आदेश जारी कर गठन का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के सात मुख्य निर्देश

  • राज्य सुरक्षा आयोग पुलिस नीति तय करेगा और कामकाज की निगरानी करेगा।
  • डीजीपी की नियुक्ति योग्यता, अनुभव और रिकॉर्ड के आधार पर होगी। उन्हें कम से कम दो वर्ष का कार्यकाल मिलेगा।
  • थाना प्रभारी व जिला पुलिस अधिकारियों को भी दो वर्ष का निश्चित कार्यकाल दिया जाएगा।
  • पुलिस स्थापना बोर्ड बनाया जाएगा। यह स्थानांतरण, पदोन्नति और अनुशासन से जुड़ी कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
  • पुलिस शिकायत प्राधिकरण गठित होगा, जो जनता की शिकायतों की स्वतंत्र जांच करेगा।
  • जांच शाखा और कानून व्यवस्था शाखा को अलग करने का निर्देश दिया गया ताकि जांच निष्पक्ष हो।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग बनाया जाएगा, जो केंद्रीय पुलिस बलों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगा और उच्च पदों पर नियुक्तियों की सिफारिश करेगा।

डीजीपी के ताजा आदेश के बाद अब उम्मीद है कि पुलिस शिकायत बोर्ड सक्रिय रूप से काम करेगा। इससे जनता का पुलिस पर विश्वास बढ़ेगा और शिकायतों का समाधान पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।

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