मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक सरकारी हाई स्कूल में पेंटिंग के नाम पर जो भ्रष्टाचार हुआ वह चौंकाने वाला है। दरअसल, सिर्फ 4 लीटर पेंट से दीवारों की पुताई के लिए 168 मजदूर और 65 मिस्त्री लागाए गए। जिसके लिए सरकारी खजाने से 1,06,984 रुपये का भुगतान किया गया।मामला ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के सकंदी गांव के शासकीय हाई स्कूल का है।
इस घोटाले का सोशल मीडिया पर बिल वायरल होने के बाद हुआ। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल पूछ रहें हैं कि महज 4 लीटर पेंट के लिए इतनी बड़ी संख्या में मजदूर और मिस्त्री दिखाना कैसे संभव है?
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सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि बिल पर स्कूल प्राचार्य ने दस्तखत बिल बनने से एक महीने पहले ही कर दिए गए थे। नियमानुसार, अनुरक्षण मद से कराए गए कार्यों की तस्वीरें भी बिल के साथ लगानी होती हैं, लेकिन इस मामले में कोई फोटो संलंगन नहीं थी। बावजूद इसके ट्रेजरी ऑफिसर ने बिना जांच के बिल पास कर दिया।
मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मरपाची ने कहा है कि उन्हें इस घोटाले की जानकारी सोशल मीडिया से मिली है। उन्होंने जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
- 4 लीटर के पेंट पोतने के लिए 168 मजदूर और 65 मिस्त्री लगे।
- 4 लीटर पेंट दिवाल पर पुताई की कुल लागत ₹1,06 लाख आई।
- इस बिल को स्कूल शिक्षा विभाग के ज़िला शिक्षा अधिकारी ने अप्रूव भी कर दिया।
मध्यप्रदेश शहडोल ज़िले के एक हाई स्कूल में…
– 4 लीटर के पेंट पोतने के लिए 168 मजदूर और 65 मिस्त्री लगे।
– 4 लीटर पेंट दिवाल पर पुताई की कुल लागत
₹1,06 लाख आई।इस बिल को स्कूल शिक्षा विभाग के ज़िला शिक्षा अधिकारी ने अप्रोव भी कर दिया।
बाकि प्रदेश में ज्ञान कि गंगा तो बह… pic.twitter.com/jUflcx66WU
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) July 4, 2025



