सिंगरौली के चितरंगी ब्लॉक में 4.78 करोड़ रुपये की लागत से नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सिरगुड़ी का निर्माण शुरू हुआ। परियोजना से 14 गांवों के करीब 7,850 उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी।
सिंगरौली जिले के चितरंगी विकासखंड में ग्रामीण विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सिरगुड़ी के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। लगभग 478.74 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना से 14 गांवों के 7,850 उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। भूमि पूजन कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा शामिल हुए।
चितरंगी क्षेत्र को मिली बड़ी विद्युत परियोजना की सौगात
सिंगरौली, 13 जून 2026। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चितरंगी विकासखंड में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सिरगुड़ी के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया।
यह परियोजना एनसीएल (NCL) द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के ग्रामीण संभाग बैढ़न अंतर्गत बरगवां वितरण केंद्र क्षेत्र में स्थापित की जा रही है।
राज्यमंत्री और सांसद ने किया भूमि पूजन
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह तथा सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर एवं फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
ग्रामीण विकास में बिजली की अहम भूमिका: राधा सिंह
राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि
“सिरगुड़ी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण से क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी। किसानों, विद्यार्थियों और छोटे व्यवसायियों को इसका विशेष लाभ प्राप्त होगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।
विद्युत व्यवस्था विकास की आधारशिला: सांसद डॉ. राजेश मिश्रा
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में गुणवत्तापूर्ण विद्युत व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि इस उपकेंद्र की स्थापना से:
- लो-वोल्टेज की समस्या में कमी आएगी
- बिजली कटौती और व्यवधान कम होंगे
- उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलेगी
4.78 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी परियोजना
लगभग 478.74 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना के अंतर्गत निम्न कार्य किए जाएंगे:
प्रमुख निर्माण कार्य
- 8.85 किलोमीटर 33 केवी विद्युत लाइन का निर्माण
- 12.23 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन का निर्माण एवं विस्तार
- 5 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना
- नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण
परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी।
इन 14 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
नवीन विद्युत उपकेंद्र से निम्न गांवों के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा:
- बैरहवा
- धरौहा
- अजगढ़
- गौरीहवा
- खैरचन
- सिधार
- सिलफोरी
- भोस
- चकरिया
- चुरकी
- बड़गढ़
- कटरीहार
- सकेती
- बुटवा
इन गांवों के लगभग 7,850 उपभोक्ता इस परियोजना से लाभान्वित होंगे।
किसानों और व्यवसायियों को होगा फायदा
परियोजना के पूर्ण होने पर:
- कृषि कार्यों के लिए बेहतर बिजली उपलब्ध होगी
- घरेलू उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सप्लाई मिलेगी
- छोटे व्यापार और व्यवसाय को मजबूती मिलेगी
- फॉल्ट की स्थिति में बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा सकेगी
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
भूमि पूजन समारोह में:
- सीईओ जनपद मान सिंह सैयाम
- नायब तहसीलदार सारिका परस्ते
- अधीक्षण यंत्री अजीत सिंह बघेल
- राहुल अंठवाल
- एनसीएल सीएसआर प्रबंधक
सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





