बरगवां, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में मझौली स्थित कियोस्क सेंटर में हुई चोरी के मामले में बरगवां पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम से खरीदी गई नई अपाची मोटरसाइकिल और टाटा इंडिका विस्टा कार जब्त की है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने चोरी की रकम आपस में बांटकर वाहन खरीदे थे।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया चोरी का मामला
बरगवां पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता रामजनम बैस ने मझौली स्थित अपने कियोस्क सेंटर में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दुकान खोलने पर काउंटर में रखी नकदी गायब मिली। जांच करने पर सीसीटीवी कैमरे के बैग में सेंध लगाकर चोरी किए जाने की जानकारी सामने आई।
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शिकायत के आधार पर बरगवां थाने में अपराध क्रमांक 608/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचना दी गई।
पुलिस ने दोनों आरोपी को कैसे किया गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देश तथा एसडीओपी मोरवा अमित कुमार के मार्गदर्शन में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 15 अक्टूबर 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान लखराम उर्फ पिंटू बियार, उम्र 32 वर्ष, निवासी बड़ोखर, थाना बरगवां और नीरज कुमार साकेत, उम्र 21 वर्ष, निवासी बड़ोखर, थाना बरगवां के रूप में बताई गई है।
चोरी के पैसों से खरीदी गई थी बाइक और कार
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की रकम आपस में बांटने की बात बताई। प्रेस नोट में उल्लेख है कि लखराम उर्फ पिंटू बियार ने करीब 50 हजार रुपये में नई अपाची मोटरसाइकिल खरीदी थी। वहीं, नीरज कुमार साकेत ने करीब 95 हजार रुपये में पुरानी सफेद रंग की टाटा इंडिका विस्टा कार खरीदी थी।
पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है। प्रेस नोट के अनुसार, चोरी की कुल रकम 52 हजार रुपये बताई गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में बरगवां थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पटेल, उपनिरीक्षक वीरेंद्र त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक फूल सिंह, शिवराज सिंह, आर. अरविंद यादव और महेश पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




