वाराणसी। मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर वाराणसी में गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविंद्र जायसवाल ने मतदाता सूची में व्यापक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी सतेंद्र कुमार से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताया है।
सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकारवार्ता में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने दावा किया कि उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में 9,200 से अधिक मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो से लेकर पांच अलग-अलग बूथों की मतदाता सूची में दर्ज होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाता सूची की जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल के दौरान उजागर हुआ।
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मंत्री ने आरोप लगाया कि सूची में एक धर्म विशेष से जुड़े मतदाताओं के नाम बार-बार अलग-अलग बूथों पर दर्ज मिले हैं। इसके अलावा, अनेक ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें शादीशुदा महिलाओं के नाम मायका और ससुराल दोनों स्थानों की मतदाता सूची में शामिल हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी प्रक्रिया लागू है, तब इस तरह की विसंगतियां कैसे बनी रह सकती हैं।
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रविंद्र जायसवाल ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह लापरवाही का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मतदाता सूची का आधार कार्ड नंबर के माध्यम से सत्यापन कराने की मांग की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची में केवल एक ही स्थान पर दर्ज हो।
उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह गड़बड़ी सुनियोजित प्रतीत होती है और इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना हो सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।



