सिंगरौली। जिले में दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान विभिन्न मेडिकल स्टोरों में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर 16 मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी संचालकों से 5 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई मुख्यालय रीवा के अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) राधेश्याम वट्टी के निर्देश पर की गई। निरीक्षण की जिम्मेदारी औषधि निरीक्षक बिहारी लाल अहिरवार ने निभाई।
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जांच में क्या-क्या मिला?
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। विभाग के अनुसार कुछ मेडिकल स्टोरों में
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- एक्सपायरी दवाएं रखी मिलीं।
- दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित बिल उपलब्ध नहीं थे।
- निरीक्षण के समय पंजीकृत फार्मासिस्ट मौजूद नहीं थे।
- औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा था।
इन अनियमितताओं को मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर माना गया है।
बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट संचालित मिले दो मेडिकल स्टोर
निरीक्षण के दौरान श्री पारस मेडिकल, परसोना और ऋषभ मेडिकल स्टोर, सरई बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के संचालित होते पाए गए।
विभाग ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए दोनों संस्थानों से भी जवाब मांगा है।
इन मेडिकल स्टोरों को जारी हुआ नोटिस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिन मेडिकल स्टोरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं….
- एस.के. फार्मा क्लीनिक, चरगुड़ा
- ऊर्जाआंचल मेडिकल, करोटी
- जनता मेडिकल, करोटी
- ओम मेडिकल, चूल्हा गेट
- प्रियंका मेडिकल, खुटार
- राज मेडिकल, बिंदुल
- राजेश मेडिकल, चमरीढो
- अंश मेडिकल, सरई
- अंश मेडिकल एजेंसी, सरई
- मां मेडिकल, करथूआ
- ओम मेडिकल एंड एजेंसी, मोरबा
- आर.एल. मेडिकल एजेंसी, सरई
- नीलम मेडिकल एजेंसी, सिद्धि कला
- रोबिक्स मेडिकल एजेंसी, बैढ़न
- श्री पारस मेडिकल, परसोना
- ऋषभ मेडिकल स्टोर, सरई
पांच दिन में देना होगा जवाब
अनुज्ञापन प्राधिकारी ने सभी संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों को 5 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने दी चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में दवाओं की गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों से लाइसेंस की शर्तों का पालन करने, एक्सपायरी दवाओं का समय पर निस्तारण करने तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील भी की है।
मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं की बिक्री में नियमों का पालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे निरीक्षण यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचें।



