वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में 13 फरवरी 2026 की तड़के करीब 1:30 बजे जिला न्यायालय परिसर को गंभीर बम धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जो सीधे जिला जज के आधिकारिक ई-मेल पते पर भेजा गया। ई-मेल में स्पष्ट तौर पर कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई, जिससे प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में तुरन्त हड़कम्प मच गया।
इस धमकी के बाद तुरंत सभी कोर्ट कर्मियों, अधिवक्ताओं और आम जनता को कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया गया, और सभी सुनवाई बाधित कर दीं गयीं। प्रशासन ने पूरे परिसर की एहतियातन खाली कर दी और सुरक्षा उपायों को अधिक कड़ा कर दिया।
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धमकी ई-मेल मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad), डॉग यूनिट और साइबर सेल के जवान तुरंत तैनात किये गये। पुलिस ने कचहरी परिसर के सभी एंट्री-एक्जिट गेट, सीसीटीवी जोन और संभावित संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली। साइबर सेल की टीम स्रोत का पता लगाने, ई-मेल आईपी और नेटवर्क ट्रेसिंग की तकनीकी जांच में लगी है। किसी भी संदिग्ध वस्तु का अभी तक पता नहीं चला है।
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पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। हर संभावित खतरे को देखते हुए पूरे परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस सहयोग देने का अनुरोध किया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ऐसी धमकी-ईमेलों की श्रृंखला कई अन्य जिला न्यायालयों को भी भेजी गयी है, जिससे यह चिंता का विषय बन रहा है।
वाराणसी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी अपने चैंबर और संदिग्ध सामान की स्वयं जांच शुरू कर दी है। बार के नेताओं ने कहा कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और स्थायी सुरक्षा उपायों पर फिर से विचार होना चाहिए।



