ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के हालिया इंटरव्यू के बाद भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस छिड़ गई है। रहमान ने बातचीत के दौरान यह संकेत दिया था कि बीते कुछ वर्षों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से उन्हें मिलने वाले काम में गिरावट आई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज फैसले उन लोगों के हाथ में हैं, जो रचनात्मकता से ज़्यादा सत्ता और नियंत्रण पर ध्यान देते हैं।
उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक चर्चा तेज हो गई। कई कलाकारों और संगीतकारों ने इस बदलते सिस्टम पर अपनी राय रखी।
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शंकर महादेवन का संतुलित नजरिया
एआर रहमान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मशहूर संगीतकार शंकर महादेवन ने मामले को अलग दृष्टिकोण से देखने की बात कही। NDTV से बातचीत में शंकर ने कहा
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“मैं इसे थोड़ा अलग तरह से देखता हूं। संगीत बनाने वाला कलाकार होता है, लेकिन उसका भविष्य तय करने वाले लोग अलग होते हैं। यह एक म्यूजिकल टीम और एक नॉन-म्यूजिकल टीम का अंतर है। अंत में संगीत की किस्मत उन्हीं लोगों के हाथ में होती है जो उसे बाजार तक पहुंचाते हैं।”
शंकर ने न तो रहमान के बयान का खुला समर्थन किया और न ही विरोध, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि यह टकराव नया नहीं है और वर्षों से चलता आ रहा है।
एआर रहमान का भावुक संदेश
विवाद के बीच एआर रहमान ने रविवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने सीधे तौर पर किसी विवाद का जिक्र नहीं किया, लेकिन भारत, उसकी संस्कृति और लोगों से अपने गहरे जुड़ाव की बात कही।
रहमान ने कहा कि संगीत उनके लिए हमेशा आत्मा से जुड़ने का माध्यम रहा है और कई बार लोगों की मंशा को गलत समझ लिया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कभी सत्ता या विवाद नहीं रहा, बल्कि हमेशा संगीत के जरिए लोगों की सेवा करना रहा है।

ग्लोबल लेवल पर शंकर महादेवन की बड़ी उपलब्धि
जहां एक ओर बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर शंकर महादेवन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उनकी फ्यूजन बैंड शक्ति को 2026 ग्रैमी अवॉर्ड्स में दो नामांकन मिले हैं
- Best Global Music Album – Mind Explosion (50th Anniversary Tour Live)
- Best Global Music Performance – Shrini’s Dream (Live)
- इससे पहले 2024 में शंकर ने इसी बैंड के साथ ग्रैमी अवॉर्ड जीता था।
शंकर ने इस उपलब्धि को “ईश्वर की इच्छा” बताते हुए कहा कि इस बार उनकी पत्नी भी समारोह में शामिल हो सकेंगी, जो पिछली बार चोट के कारण संभव नहीं हो पाया था।
Goongoonalo: कलाकारों के लिए नया मंच
शंकर महादेवन ने हाल ही में Goongoonalo नाम से एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसे वह “दुनिया का पहला आर्टिस्ट-ओन्ड म्यूजिक प्लेटफॉर्म” बता रहे हैं।

इस मंच का उद्देश्य है—
- कलाकारों को रचनात्मक स्वतंत्रता देना
- व्यावसायिक दबाव से मुक्त संगीत को बढ़ावा देना
- शास्त्रीय, लोक, इंडी और क्षेत्रीय संगीत को एक मंच पर लाना
शंकर के अनुसार, जब कला ईमानदारी से की जाए तो उसकी स्थिरता अपने आप बनती है।
एआर रहमान और शंकर महादेवन की बातें यह साफ दिखाती हैं कि भारतीय संगीत उद्योग एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां एक ओर रचनात्मकता और कला की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक निर्णयों का असर भी साफ नजर आता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इंडस्ट्री इस संतुलन को कैसे साधती है।



