सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र स्थित सोनघड़ियाल अभ्यारण में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम द्वारा जब्त किया गया रेत से भरा टीपर थाने के गेट से ही फरार हो गया। इस घटना के बाद वन विभाग और पुलिस में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग के अनुसार, सोनघड़ियाल अभ्यारण चितरंगी के वन अमले द्वारा 20 फरवरी 2026 को नियमित गश्त की जा रही थी। गश्त के दौरान टीम ने रेत से भरा एक टीपर वाहन (UP 64 T 0381) पकड़ा। वाहन चालक दीपक केवट, निवासी राजावर नौगई, थाना गढ़वा, जिला सिंगरौली से पूछताछ कर वाहन को जब्त किया गया।
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जब्त टीपर को सुरक्षा के लिए थाना चितरंगी लाया जा रहा था। चालक दीपक केवट स्वयं वाहन चलाकर टीपर को थाने ला रहा था। जैसे ही वाहन थाना परिसर के आवासीय गेट के पास पहुंचा, तभी वाहन मालिक सूर्यांश सिंह, निवासी ग्राम झरकटिया, अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया।
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बताया जा रहा है कि वाहन मालिक ने चालक को टीपर लेकर भागने के लिए कहा। इसके बाद चालक रेत से भरा टीपर लेकर मौके से फरार हो गया। वाहन मालिक और उसके साथी भी वहां से भाग निकले। इस घटना ने वन विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वनपरिक्षेत्र अधिकारी सोनघड़ियाल अभ्यारण ने थाना चितरंगी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वाहन मालिक सूर्यांश सिंह और चालक दीपक केवट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस और वन विभाग की टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन को भी बरामद किया जाएगा। अवैध रेत परिवहन के खिलाफ जिले में लगातार कार्रवाई जारी है और इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
यह घटना अवैध खनन और परिवहन के बढ़ते नेटवर्क को उजागर करती है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



