सिंगरौली में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर सख्त कार्रवाई, प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित

सिंगरौली के सरकारी स्कूल में फटा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 30 Jan 2026, 08:51 AM IST | 1 min read
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सिंगरौली जिले में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकारी प्राथमिक विद्यालय पूर्व टोला खुटार में फटा हुआ राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने की पुष्टि के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई भारतीय झंडा संहिता 2002 के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए की गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल खबर के बाद शुरू हुई जांच

जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.बी. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हुई थी, जिसमें सिंगरौली के एक सरकारी स्कूल में फटा हुआ तिरंगा फहराए जाने का आरोप लगाया गया था। इस मामले की जांच के लिए संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुटार को निर्देश दिए गए थे।

27 जनवरी 2026 को संकुल प्राचार्य द्वारा शासकीय प्राथमिक विद्यालय पूर्व टोला खुटार पहुंचकर जांच की गई। स्थानीय नागरिकों से पूछताछ के बाद यह पुष्टि हुई कि वायरल खबर तथ्यात्मक रूप से सही थी।

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भारतीय झंडा संहिता का उल्लंघन पाया गया

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि भारतीय झंडा संहिता 2002 के भाग-2, धारा 2.2 के अंतर्गत फटे या मैले झंडे को फहराना पूर्णतः वर्जित है। इसके बावजूद विद्यालय परिसर में क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

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कारण बताओ नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं

मामले में प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री रेवतीरमण शाह को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 6128/स्था-3/2026 दिनांक 27 जनवरी 2026 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे 28 जनवरी 2026 तक स्पष्टीकरण मांगा गया था।

हालांकि, प्रस्तुत जवाब को विभाग द्वारा असंतोषजनक और तथ्यहीन पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यह कृत्य शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, शैक्षणिक कार्यों के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है।

सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।

इसी आधार पर नियम 9 के तहत श्री रेवतीरमण शाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगदरा, विकासखंड चितरंगी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

रिपोर्ट : उर्जांचल टाइगर।। सिंगरौली

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