सिंगरौली पुलिस ने 48 दिन से लापता नाबालिग बच्ची को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। बच्ची 30 जून को घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी थी। पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर 17 अगस्त को उसे सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया।
30 जून से लापता थी नाबालिग
सिंगरौली। थाना माड़ा क्षेत्र अंतर्गत चौकी बंधौरा में दर्ज गुमशुदगी के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। फरियादी ने 3 जुलाई 2026 को सूचना दी थी कि उसकी नाबालिग बहन 30 जून को सुबह 11 बजे स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी।
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इस पर पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 44/26 और अपराध क्रमांक 477/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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अंबिकापुर से सुरक्षित बरामद
पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम. और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के निर्देशन में गठित टीम ने लगातार तलाश जारी रखी।
आखिरकार 17 अगस्त 2026 को नाबालिग बच्ची को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर (जिला सरगुजा) से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया। इसके बाद बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी बंधौरा उप निरीक्षक संदीप नामदेव के नेतृत्व में टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
टीम में सहायक उप निरीक्षक राजवर्धन सिंह, पंकज सिंह चंदेल और आरक्षक दिलीप धाकड़ का विशेष योगदान रहा।
पुलिस की सतत कार्रवाई से मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुमशुदा की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच के बाद यह सफलता मिली।
Frequently Asked Questions
बच्ची कब लापता हुई थी?
30 जून 2026 को स्कूल के लिए निकलने के बाद लापता हो गई थी।
बच्ची कहां से बरामद हुई?
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर (जिला सरगुजा) से।
कब बरामद की गई?
17 अगस्त 2026 को पुलिस ने बच्ची को बरामद किया।
किस टीम ने कार्रवाई की?
बंधौरा चौकी की पुलिस टीम ने उप निरीक्षक संदीप नामदेव के नेतृत्व में कार्रवाई की।





