सिंगरौली। जिले के चितरंगी तहसील में वर्षों से जमीन के बेदखली आदेश को फाइलों में दबाकर रखने वाले नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल और राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश्य को लोकायुक्त रीवा की टीम ने उस वक्त दबोच लिया, जब वे कथित तौर पर सिर्फ चार हजार रुपये की ‘दूसरी किश्त’ स्वीकार कर रहे थे।
जिले के चितरंगी तहसील में जमीन से जुड़े एक बेदखली आदेश का पालन कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल और राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश्य को लोकायुक्त रीवा की टीम ने मंगलवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।आवेदक प्रवीण चतुर्वेदी, निवासी करौली, ने आराजी नंबर 61/02 रकबा 0.800 हेक्टेयर भूमि का बेदखली आदेश वर्ष 2021 में प्राप्त किया था, लेकिन चार साल बीत जाने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही थी। आरोप है कि आदेश का पालन कराने के लिए दोनों अधिकारियों ने उससे 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जो बाद में 12 हजार रुपये में तय हुई। नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने 22 और 23 नवंबर को पहली किस्त के रूप में 4-4 हजार रुपये ले भी लिए थे। दूसरी किस्त लेते समय आवेदक द्वारा की गई शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर दोनों को उनके सरकारी आवास में पकड़ लिया। लोकायुक्त ने शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप की यह कार्रवाई की।
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