सिंगरौली। अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सिंगरौली जिले में न्याय और शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिला। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिंगरौली के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार खंडेलवाल के मार्गदर्शन में 9 से 14 नवम्बर तक चल रहे न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह 2025 के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविरों का सफल आयोजन किया गया।

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डी.पी.एस. विन्ध्यनगर में आयोजित शिविर में न्यायाधीश श्री मनोरम तिवारी ने छात्रों को पाॅक्सो अधिनियम, साइबर अपराध और ट्रैफिक नियमों पर सरल भाषा में मार्गदर्शन दिया।
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उन्होंने कहा..
“शिक्षा तभी सार्थक है जब समाज में न्याय और सुरक्षा दोनों का सम्मान हो।”
वहीं प्रधानमंत्री उत्कृष्ट महाविद्यालय बैढ़न में अपर सत्र न्यायाधीश श्री खालिद मोहतरम अहमद ने छात्रों को संविधान के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि
“मानवता की सेवा सबसे श्रेष्ठ शिक्षा है।”
बालिका आश्रय गृह की बालिकाओं ने बालश्रम विषय पर नृत्य-नाट्य प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। साथ ही ज्योतिबा राव विद्यालय अमलोरी, संस्कार वैली स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर मोरवा, गायत्री शिशु मंदिर माड़ा, और रामचरित स्मृति कॉलेज रम्पा में भी विधिक साक्षरता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में कानूनी जागरूकता, आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।



