सिंगरौली। जिले में अवैध खनिज परिवहन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर में 40 मानव रहित ई-चेक गेट स्थापित कर उन्हें पूर्ण रूप से संचालित कर दिया गया है। यह व्यवस्था 16 अप्रैल 2026 से लागू की गई है।
अवैध खनिज परिवहन पर लगाम कसने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने मानव रहित ई-चेक गेट्स की नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत वाहनों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक होगी। यह व्यवस्था 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुकी है। इन ई-चेक गेट्स के माध्यम से अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आईटी तकनीक की मदद से वाहनों की आवाजाही, खनिज की मात्रा और अन्य विवरण स्वतः रिकॉर्ड होंगे।
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जिले में भी तीन प्रमुख स्थानों—ग्राम तेलाई (तहसील सिंगरौली), ग्राम निगरी (तहसील सरई) और खनहना बैरियर (तहसील देवसर)—पर ये ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। इन गेट्स पर लगे कैमरे, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और RFID सिस्टम के जरिए वाहनों की ऑनलाइन निगरानी होगी। जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के अनुसार, अब सभी खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर RFID टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे हर वाहन की पूरी जानकारी सिस्टम में स्वतः दर्ज होगी
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ई-चेक गेट प्रणाली के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी-
- ओवरलोडिंग पाए जाने पर जुर्माना
- बिना वैध ई-TP परिवहन पर दंड
- वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबित या निरस्त
- आवश्यक होने पर वाहन जब्ती की कार्रवाई



