सिंगरौली में “आदर्श परिवहन मॉडल” लागू, नियमों की सख्ती से होगी निगरानी

Om Prakash Shah

Reporter | Updated: 19 Apr 2026, 12:59 PM IST | 1 min read
Share:
Advertisement

Fitelo Smart BMI Weight Scale

80% OFF

सिंगरौली। जिले में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने “आदर्श परिवहन मॉडल” लागू कर दिया है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर तैयार इस कार्ययोजना के तहत 10 प्रमुख बिंदुओं पर सख्ती से अमल किया जाएगा।

जिले में परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने “आदर्श परिवहन मॉडल” लागू करते हुए सख्त कार्ययोजना तैयार की है। इस पहल के तहत सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और यातायात अनुशासन को प्राथमिकता दी गई है। योजना के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर नियंत्रण, प्रदूषण मानकों का पालन, फिटनेस, परमिट और बीमा की अनिवार्यता, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नशामुक्त ड्राइविंग, गति सीमा नियंत्रण, पैनिक बटन व आपातकालीन खिड़की की व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन के लिए निर्धारित रूट-स्टॉप, ओवरलोडिंग पर रोक तथा खुले में खतरनाक तरीके से माल परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई शामिल है।

प्रशासन ने National Green Tribunal के मानकों के अनुरूप सभी वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) अनिवार्य कर दिया है। बिना फिटनेस और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और नशे में ड्राइविंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। स्पीड गन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से गति नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए बसों और ऑटो के रूट एवं स्टॉप तय किए जाएंगे, साथ ही ओवरलोडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि इस मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, प्रदूषण स्तर घटेगा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिले को आदर्श परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

 

ADVERTISEMENT