सिंगरौली। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से सफलता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। जिले की 28 हजार 969 महिला सदस्य “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण का जीता-जागता उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले की हजारों महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 28 हजार 969 महिला सदस्य अपनी मेहनत और लगन के दम पर “लखपति दीदी” बनकर महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं। आजीविका मिशन के सहयोग से महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, लघु उद्योग और अन्य व्यवसायों से जुड़कर अपनी आय में लगातार बढ़ोतरी कर रही हैं। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनती जा रही हैं। जो महिलाएं पहले घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, आज वे आत्मविश्वास के साथ मंचों पर अपनी सफलता की कहानी साझा कर रही हैं। उनकी उपलब्धियां अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज, विपणन सुविधा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ परिवार और समाज के विकास में भी उनकी भूमिका मजबूत हुई है।
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