सिंगरौली। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिंगरौली के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार खंडेलवाल के मुख्य आतिथ्य में सिविल न्यायालय देवसर परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री खंडेलवाल ने न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों एवं आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी दी।
कई बार लोगों को न्याय नहीं, बल्कि न्याय की जानकारी नहीं मिल पाती। इसी सोच को साकार करते हुए सिविल न्यायालय देवसर परिसर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिंगरौली के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार खंडेलवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। शिविर के दौरान श्री खंडेलवाल ने न्यायालय आए पक्षकारों और आम नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि न्याय केवल सक्षम लोगों का अधिकार नहीं, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचने वाला संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जरूरतमंदों को बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है, अनुसूचित जाति-जनजाति, महिलाएँ, 18 वर्ष से कम आयु के बालक, बेगारी या हिंसा से पीड़ित व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता के पात्र हैं। प्रधान जिला न्यायाधीश ने 14 मार्च को प्रस्तावित नेशनल लोक अदालत को आमजन के लिए राहत का माध्यम बताते हुए कहा कि लोक अदालत के जरिए वर्षों से लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों का सरल, शीघ्र और आपसी सहमति से समाधान संभव है।
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