सिंगरौली। जिले में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान शिकायतों के समाधान में उदासीनता एवं बैठक में अनुपस्थिति पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री पीएचई को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिले में आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा बैठक में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक में दो टूक कहा कि संकल्प से समाधान अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का माध्यम है। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से वंचित रखना किसी भी विभाग के लिए स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ विभागों द्वारा न केवल शिकायतों के निराकरण में देरी की जा रही है, बल्कि समाधान भी असंतोषजनक है, जिससे जिले की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि आगे भी ऐसी स्थिति बनी रही, तो संबंधित अधिकारियों पर प्रत्यक्ष दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने अग्रणी बैंक (एलडीएम) को निर्देश दिए कि बैंकों में लंबित हितग्राही मूलक प्रकरणों को शीघ्र निपटाकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही वनाधिकार के लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उपखंड अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण कर स्पष्ट पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। टीएल में चिन्हित आवेदनों, सीएम हाउस, प्रभारी मंत्री कार्यालय एवं जनसुनवाई से प्राप्त प्रकरणों के प्राथमिकता आधारित शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
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