सिंगरौली। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने जन्मजात विकृति से जूझ रहे 3 वर्षीय श्रीयांश शाह की ज़िंदगी बदल दी है। श्रीयांश के होंठ और तालु में जन्मजात विकृति थी, जिससे उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था।
जन्मजात विकृति से जूझ रहे 3 वर्षीय श्रीयांश शाह की जिंदगी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की मदद से खुशियों से भर गई। श्रीयांश के होंठ और तालु में जन्मजात विकृति थी, जिससे परिवार लंबे समय तक चिंतित रहा। संतोष शाह ने बताया कि गांव कोल्हुई पोस्ट रजमिलान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने श्रीयांश का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तुरंत बैढ़न आरबीएसके टीम को सूचित किया गया, जिसने डॉ. राजेंद्र शाह के नेतृत्व में बच्चे का परीक्षण कर ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया। आर्थिक तंगी के बावजूद, सरकार की योजना के तहत श्रीयांश का सफल निःशुल्क ऑपरेशन भोपाल के लाहोटी हॉस्पिटल में कराया गया। अब श्रीयांश अन्य बच्चों की तरह हंस-खेल सकता है और उसका चेहरा भी प्राकृतिक और सुंदर दिखाई देता है। परिवार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रति आभार व्यक्त किया और अब गांव में अन्य परिवारों को भी योजना के लाभों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
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