सिंगरौली में कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन के लिए नए नियम लागू

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 09 Jun 2026, 04:35 PM IST | 1 min read
सिंगरौली में कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन के लिए नए नियम लागू
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सिंगरौली जिले में बढ़ते प्रदूषण, यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने कोयला, फ्लाई ऐश तथा अन्य भारी मालवाहक वाहनों के संचालन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी गौरव बैनल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह आदेश जन स्वास्थ्य, लोक शांति और लोकहित को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। इसके तहत जिले में कोयला, फ्लाई ऐश, खनिज रेत, गिट्टी और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन को विनियमित किया जाएगा।

आदेश में कहा गया है कि जिले में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिकीकरण और कोयला एवं फ्लाई ऐश के परिवहन के कारण वायु प्रदूषण, यातायात अवरोध और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में परिवहन व्यवस्था को नियंत्रित करना आवश्यक हो गया था।

परिवहन के लिए नई शर्तें

  • अब कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन केवल सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा।
  • कोयले का परिवहन तिरपाल से पूरी तरह ढंके हुए बंद वाहनों में करना होगा। वहीं फ्लाई ऐश का परिवहन केवल बंद कंटेनरों में ही किया जा सकेगा। खुले वाहनों में फ्लाई ऐश के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

25 किमी प्रति घंटा होगी अधिकतम गति

  • आदेश के तहत कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले सभी वाहनों की अधिकतम गति सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
  • साथ ही सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य किया गया है। बिना स्पीड गवर्नर वाले वाहनों को परिवहन की अनुमति नहीं मिलेगी।

कई मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध

  • जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में निगाही-अमलोरी मोड़-माजन मोड़-परसौना मार्ग पर कोयला परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
  • इसके अलावा जिले के कई शहरी और ग्रामीण मार्गों पर भारी वाहनों के लिए निर्धारित समय अवधि में नो-एंट्री लागू रहेगी। प्रशासन द्वारा इसके लिए अलग से निगरानी व्यवस्था भी बनाई जाएगी।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले परियोजना प्रबंधन, ट्रांसपोर्टर, वाहन मालिक, वाहन चालक और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि नए नियम लागू होने से प्रदूषण पर नियंत्रण मिलेगा, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही आम नागरिकों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।

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