संभल हिंसा मामला : तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का अदालत का आदेश

अजीत नारायण सिंह

Author | Updated: 13 Jan 2026, 11:22 PM IST | 1 min read
Sambhal Violence News
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Sambhal Violence News : संभल में पिछले वर्ष नवंबर में हुई हिंसा को लेकर एक बड़ा और अहम न्यायिक फैसला सामने आया है। स्थानीय अदालत ने इस मामले में Sambhal के तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (CO) अनुज चौधरी समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

यह आदेश संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय ने उस याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया, जो हिंसा के दौरान गोली लगने से घायल हुए एक युवक के पिता द्वारा दायर की गई थी। अदालत के आदेश की प्रति 9 जनवरी को सामने आई है।

सात दिनों में FIR दर्ज करने के निर्देश

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि Sambhal police को सात दिनों के भीतर सभी नामजद पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति अदालत में प्रस्तुत करनी होगी। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए यह निर्देश दिए हैं।

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पीड़ित पक्ष का आरोप

याचिकाकर्ता पिता ने अदालत में कहा कि उनका बेटा रोज़गार के सिलसिले में घर से निकला था, उसी दौरान हिंसा भड़क गई और पुलिस फायरिंग में उसे गोली लग गई। आरोप है कि घटना के बाद भय के कारण उन्हें छिपकर बेटे का इलाज कराना पड़ा।

याचिका के साथ युवक के इलाज से जुड़े मेडिकल दस्तावेज़, ऑपरेशन रिपोर्ट और शरीर से निकाली गई गोली से संबंधित साक्ष्य भी अदालत में पेश किए गए थे।

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संभल हिंसा में गई थीं पांच जानें

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में संभल में हुई हिंसा के दौरान कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। मृतकों के परिजनों ने उस समय पुलिस फायरिंग का आरोप लगाया था, हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि किसी की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई।

अधिवक्ता की प्रतिक्रिया

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता क़मर आलम ने कहा कि यह आदेश लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच होगी और इससे पीड़ित का न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि याचिका 4 फरवरी 2025 को दायर की गई थी और सुनवाई के दौरान 15 से अधिक बार बहस हुई। कई मौकों पर अदालत ने संबंधित रिपोर्टें भी तलब की थीं।

पुलिस की दलील और अपील की तैयारी

वहीं, Sambhal के पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने कहा कि इस मामले में पहले ही न्यायिक जांच हो चुकी है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया गया था। उन्होंने संकेत दिए कि इस आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की जाएगी।

पीड़ित पर ही दर्ज हुआ मुकदमा

अधिवक्ता क़मर आलम के अनुसार, याचिका दायर होने के बाद पुलिस ने घायल युवक को ही Sambhal violence से जुड़े एक अन्य मामले में अभियुक्त बना दिया। पीड़ित फिलहाल कई कानूनी मामलों का सामना कर रहा है।

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