Salman Khan, बॉलीवुड के सुपरस्टार, हाल ही में अपनी फिल्म ‘सिकंदर’ के प्रमोशन के दौरान एक विशेष घड़ी पहनने के कारण विवादों में आ गए हैं। यह घड़ी, जिसे ‘राम जन्मभूमि एडिशन’ कहा जाता है, की कीमत ₹61 लाख है और इसमें भगवान राम, हनुमान और राम मंदिर की तस्वीरें शामिल हैं।
विवाद का कारण
मौलाना शाहबुद्दीन रजवी, जो ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने Salman Khan की इस घड़ी को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी भी मुसलमान को गैर-मुस्लिम धार्मिक प्रतीकों का प्रचार करने की अनुमति नहीं है। रजवी ने कहा कि सलमान (Salman Khan) का ऐसा करना “हराम” है और उन्होंने अभिनेता से शरीयत का पालन करने की अपील की।
Also Read
See you in theatres this Eid! pic.twitter.com/XlC2xFkIQ0
New EditionRead Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
— Salman Khan (@BeingSalmanKhan) March 27, 2025
Salman Khan का पक्ष
सलमान खान ने सोशल मीडिया पर इस घड़ी को फ्लॉन्ट करते हुए तस्वीरें साझा की थीं, जिसमें उन्होंने लिखा था, “30 मार्च को थिएटर में मिलते हैं।” उनके प्रशंसकों ने इसे एक समावेशी कदम माना और कई लोगों ने उनकी इस पहल की सराहना की। कुछ फैंस ने कहा कि सलमान ने पहले भी हिंदू धर्म के प्रतीकों का सम्मान किया है, जैसे कि फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में।
प्रतिक्रिया
इस विवाद ने सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं। कुछ लोग सलमान की घड़ी को उनके धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक मानते हैं, जबकि अन्य इसे एक विवादास्पद कदम मानते हैं। फिल्म क्रिटिक केआरके ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सलमान मुस्लिम समुदाय का मजाक उड़ा रहे हैं।
सलमान खान की राम जन्मभूमि घड़ी का विवाद न केवल उनके व्यक्तिगत पसंद को दर्शाता है, बल्कि यह भारतीय समाज में धर्म और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को भी उजागर करता है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक साधारण वस्तु भी धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों का केंद्र बन सकती है।



