गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी 2026 को जारी आदेश में राष्ट्रीय गान गाने के लिए पहली बार स्पष्ट दिशानिर्देश दिए हैं। इस आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन, तिरंगा फहराने और राज्यपाल के भाषण जैसे आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गान के 6 छंद गाए जाएंगे। इनका समय 3 मिनट 10 सेकंड रखा गया है। यह कदम देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। हाल के अपडेट्स (11 फरवरी 2026 तक) में शिक्षा मंत्रालय ने इसे स्कूलों में लागू करने पर जोर दिया है।
आदेश में साफ कहा गया है कि जब राष्ट्रीय गान और राष्ट्रगान एक साथ गाया या बजाया जाए, तो पहले राष्ट्रीय गान गाया जाए। सभा में सभी लोग ध्यान की मुद्रा में खड़े रहेंगे। आधिकारिक संस्करण बजने पर दर्शक खड़े होकर सम्मान देंगे। हालांकि, न्यूजरील या डॉक्यूमेंट्री में अगर यह फिल्म का हिस्सा हो, तो खड़े होने की जरूरत नहीं। ऐसा करने से फिल्म रुक सकती है और अव्यवस्था फैल सकती है।
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स्कूलों के लिए खास निर्देश हैं। दिन की शुरुआत राष्ट्रीय गान से होगी। स्कूल प्रबंधन छात्रों में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाने के लिए कार्यक्रम बनाएंगे। आधिकारिक संस्करण के साथ सामूहिक गायन होगा। तिरंगा फहराने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राष्ट्रपति के आगमन पर इसे प्राथमिकता मिलेगी। अच्छे साउंड सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि सभी एक साथ गा सकें। जरूरत पड़ने पर छंदों की प्रति भी बांटी जा सकती है।
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प्रमुख अवसर और नियम
- राष्ट्रपति का आगमन: सामूहिक गायन अनिवार्य।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: वाद्ययंत्रों के साथ गाया जा सकता है।
- मंत्रियों की मौजूदगी: सम्मान के रूप में गाएं।
आदेश में सभी अवसरों की पूरी सूची नहीं दी गई। लेकिन मातृभूमि को सलाम के रूप में इसे गाने पर कोई आपत्ति नहीं, बशर्ते उचित शिष्टाचार बरता जाए। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह छात्रों में देशभक्ति जगाएगा। 11 फरवरी 2026 तक कई राज्यों ने इसे लागू करना शुरू कर दिया है।
यह आदेश ” को गरिमा प्रदान करेगा। आधिकारिक संस्करण का सामूहिक गायन देश की एकता को मजबूत करेगा। स्कूलों से लेकर सरकारी आयोजनों तक इसका असर दिखेगा। क्या आपके स्कूल में यह नियम लागू हो गया? अपनी राय साझा करें।



