मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आज राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज यहां आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होंगे। इस महापंचायत का मुख्य मुद्दा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता है, जिसे लेकर विपक्ष और किसान संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है।
कांग्रेस के अनुसार, इस महापंचायत के जरिए किसानों की समस्याओं और व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित कर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएंगे और किसानों के हितों की रक्षा की बात करेंगे।
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बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद
इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने का दावा किया गया है। आयोजन स्थल पर व्यापक तैयारियां की गई हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह महापंचायत किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक बड़ा मंच बनेगी।
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कांग्रेस के प्रदेश नेताओं ने गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद किया और उन्हें महापंचायत में शामिल होने का न्योता दिया। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।

ट्रेड डील को लेकर क्यों बढ़ी चिंता
कांग्रेस और कई किसान संगठनों का आरोप है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से विदेशी कृषि उत्पादों का आयात बढ़ सकता है। इससे भारतीय किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य मिलने में मुश्किल हो सकती है। खासकर सोयाबीन, कपास, मक्का और दुग्ध उत्पादों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसान संगठनों का कहना है कि अगर विदेशी उत्पाद सस्ते दाम पर बाजार में आए, तो स्थानीय किसानों की आय कम हो सकती है। इसी वजह से देश के कई हिस्सों में इस समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
भोपाल में होने वाली इस महापंचायत को कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत के रूप में पेश किया है। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने इसे राजनीतिक कदम बताते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिल रही है।



