Mughal Empire छावा फिल्म ने फ़िल्मकारों के खाजाने को तो भर दिया। लेकिन कामयाबी की शोर में आम जनता के महत्वपूर्ण सवाल दब गई या यूं कहें शोर कर दबा दी गई। जैसे रातो रात कैसे आम जनता का पैसा डूब गया? क्यों अमेरिका ने भारतीयों को हथकड़ी लगाकर भेजा ? दरअसल, सवालों का वजूद तो तभी है जब उनके जवाब मिले ? फ़िल्मकारों का मकसद होता है पैसा कमाना और सियासत का माहौल बनाना लेकिन आम जनता का क्या ?
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बहरहाल फिल्म रिलीज हुई और हिट भी हुई। लेकिन फिल्म छावा का एक सीन जिसमें दिखाया गया कि मुगलकाल में लूट के बाद सारा खजाना बुरहानपुर में छुपा दिया करते थे। फिल्म का यह सीन देखने के बाद कहानी को इतिहास समझने वाले सैकड़ों लोग असीरगढ़ किले के आसपास खुदाई करना शुरू कर दिए। जिसका वायरल वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है।
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#छावा फिल्म की कहानी के अनुसार "मुगलों ने मराठों का सोना लूटा और असीरगढ़ किले के इस खेत में गाढ़ दिया।"
आज कहानी के उस सोने को पाने के लिए लोग पगलाए हुए हैं।
शिक्षा, तर्क, विवेक, समझदारी सब व्यर्थ। pic.twitter.com/Icl8xzL8lk— सुरेश पंत sureshpant (@drsureshpant) March 8, 2025
वायरल वीडियो को शेयर करते हुए X यूजर ऋषि लिखते हैं की, छावा फिल्म देखने के बाद बुरहानपुर में रातों रात खुदाई की गई, और खजाना खोजने की होड़ में वहां के खेतों की यह हालत बना दी।
Mughal Empire जिस तरह इन खुदाई करने वालों को बेवकूफ कहा जाना चाहिए, उसी तरह इतिहास के नाम पर लड़ने वालों को भी बेवकूफ ही कहा जाना चाहिए।लोग इतिहास के पीछे भागते-भागते अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
"Chhava" फिल्म देखने के बाद बुरहानपुर में रातों रात खुदाई की गई, और खजाना खोजने की होड़ में वहां के खेतों की यह हालत बना दी।
जिस तरह इन खुदाई करने वालों को बेवकूफ कहा जाना चाहिए, उसी तरह इतिहास के नाम पर लड़ने वालों को भी बेवकूफ ही कहा जाना चाहिए।
लोग इतिहास के पीछे भागते-भागते… pic.twitter.com/w2ZCJeLr1C
— Soil and Salute 🇮🇳 (@RishiRahar) March 8, 2025
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