MP में निजी स्कूलों के लिए नए नियम: फर्जी दस्तावेजों पर ₹2 लाख जुर्माना, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य

मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। अब फर्जी दस्तावेज देने पर ₹2 लाख तक जुर्माना, मान्यता रद्द और शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 04 Aug 2026, 01:05 PM IST | 1 min read
MP में निजी स्कूलों के लिए नए नियम: फर्जी दस्तावेजों पर ₹2 लाख जुर्माना, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य
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मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता (Recognition) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों पर ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही संबंधित स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

फर्जी दस्तावेजों पर होगी सख्त कार्रवाई

संशोधित नियमों के तहत यदि कोई निजी स्कूल गलत जानकारी, जाली दस्तावेज या भ्रामक विवरण देकर मान्यता प्राप्त करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य प्रावधान:

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  • ₹2 लाख तक का जुर्माना
  • स्कूल की मान्यता रद्द करने का अधिकार
  • मान्यता प्रक्रिया में सख्त सत्यापन
  • शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी होगी अनिवार्य

सरकार ने सभी निजी स्कूलों में शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इसका उद्देश्य स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

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हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में लैब जरूरी

नई व्यवस्था के तहत हाई स्कूल (कक्षा 9-10) कंपोजिट साइंस लैब अनिवार्य होगी।

हायर सेकेंडरी (कक्षा 11-12) अलग-अलग प्रयोगशालाएं अनिवार्य होंगी।

  • फिजिक्स लैब
  • केमिस्ट्री लैब
  • बायोलॉजी लैब

दो शिफ्ट में स्कूल चलाने की मिलेगी अनुमति

जिन निजी स्कूलों के पास पर्याप्त भवन, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, उन्हें दो शिफ्ट में स्कूल संचालित करने की अनुमति दी जा सकेगी।

छात्र संख्या के आधार पर जमा करनी होगी सुरक्षा राशि

सरकार ने स्कूलों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट भी अनिवार्य किया है। स्कूलों को छात्र संख्या के अनुसार ₹25,000 से ₹1 लाख तक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जमा करनी होगी। यह FD संबंधित स्कूल के प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के संयुक्त नाम से होगी।

MP में निजी स्कूलों के लिए नए नियम: फर्जी दस्तावेजों पर ₹2 लाख जुर्माना, बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य

पूरे साल आवेदन, लेकिन तय होगी अंतिम तारीख

नए नियमों के अनुसार

  • ऑनलाइन आवेदन पूरे वर्ष किए जा सकेंगे।
  • लेकिन 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदन ही अगले शैक्षणिक सत्र के लिए मान्य होंगे।
  • भौतिक सत्यापन, आपत्तियों का निपटारा और अपील की प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी करनी होगी।

अपील का भी मिलेगा अवसर

यदि किसी स्कूल का आवेदन अस्वीकार होता है, तो उसे अपील करने का अधिकार होगा।

अपील का क्रम

  1. लोक शिक्षण आयुक्त (Commissioner of Public Instruction)
  2. राज्य मान्यता समिति (State Recognition Committee)

निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपील की जा सकेगी।

मुख्य बातें

  1. फर्जी दस्तावेज देने पर ₹2 लाख तक जुर्माना।
  2. गलत जानकारी मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है।
  3. सभी शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य।
  4. हाई स्कूल में साइंस लैब और हायर सेकेंडरी में अलग-अलग फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब जरूरी।
  5. छात्र संख्या के अनुसार ₹25 हजार से ₹1 लाख तक FD जमा करनी होगी।
  6. आवेदन पूरे साल, लेकिन 30 सितंबर तक ही अगले सत्र के लिए मान्य।
  7. पूरी मान्यता प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी होगी।

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