एमपी ई-सेवा पोर्टल से डिजिटल कनेक्टिविटी की नई क्रांति का आरंभ

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 03 Nov 2025, 09:13 PM IST | 1 min read
एमपी ई-सेवा पोर्टल से डिजिटल कनेक्टिविटी की नई क्रांति का आरंभ
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भोपाल। मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की डिजिटल यात्रा को नई दिशा दी। उन्होंने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ का शुभारंभ किया। यह कदम प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी की नई क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है। अब राज्य के नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी। सभी प्रमुख सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगी।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की। यह पोर्टल 56 से अधिक विभागों की 1700 सेवाओं को एक मंच पर लाता है। इससे राज्य में डिजिटल सुविधा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

56 विभागों की 1700 सेवाएं एक प्लेटफॉर्म पर

‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ पर 56 से अधिक विभागों की 1700 नागरिक सेवाएं जोड़ी गई हैं। नागरिक अब eseva.mp.gov.in वेबसाइट या मोबाइल ऐप (एंड्रॉइड व आईओएस) से सभी सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इस पोर्टल पर पात्रता जांच, आवेदन, स्थिति जांच और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकेगी। यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस, फेसलेस और सुरक्षित है।

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‘समग्र पोर्टल’ से एकीकृत व्यवस्था

एमपी ई-सेवा को ‘समग्र पोर्टल’ से जोड़ा गया है। हर परिवार को 8-अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9-अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। इससे नागरिकों की पहचान और पात्रता स्वतः निर्धारित हो जाएगी। अब नागरिकों को बार-बार दस्तावेज अपलोड नहीं करने होंगे। पोर्टल में ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्यूमेंट’ की सुविधा है, जिससे एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज सभी सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाएंगे।

मोबाइल-फर्स्ट डिज़ाइन और बहुभाषी सुविधा

एमपी ई-सेवा पोर्टल को मोबाइल-फर्स्ट व्यू में डिजाइन किया गया है। इसमें बहुभाषी सुविधा भी जोड़ी गई है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। सरकारी अनुमान के अनुसार, इस पोर्टल से सेवा लागत में 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी और नागरिकों का कीमती समय भी बचेगा।

डिजिटल रिकॉर्ड में अग्रणी राज्य बना मध्य प्रदेश

सितंबर 2025 में जारी नेशनल ई-सेवा वितरण सूची (NESDA Way Forward) रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश ने 1752 ई-सेवाएं जारी की हैं। राज्य ने सभी 56 अनिवार्य सेवाओं को 100% डिजिटल कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही, प्रदेश को ‘साइबर तहसील’ के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-अवेयरनेस गोल्डन अवॉर्ड भी मिला है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा-

एमपी ई-सेवा पोर्टल राज्य को डिजिटल इंडिया के मार्ग पर और तेज़ी से आगे बढ़ाएगा। यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को सुविधा, पारदर्शिता और सशक्तिकरण तीनों देगा।

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