मेटा के बॉस मार्क ज़करबर्ग AI प्रोजेक्ट्स पर खर्च दोगुना करने वाले हैं। 2026 में AI काम बदल देगा। लेकिन इंडस्ट्री में बबल की चेतावनी भी है। जानिए डिटेल्स।
मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग AI प्रोजेक्ट्स पर खर्च बढ़ा रहे हैं। वे इस साल 135 अरब डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहे हैं। यह खर्च ज्यादातर AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा। यह पिछले साल के 72 अरब डॉलर से दोगुना है।
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पिछले तीन सालों में मेटा ने AI पर करीब 140 अरब डॉलर खर्च किए हैं। ज़करबर्ग ने कहा कि 2026 में AI काम करने के तरीके को बदल देगा। 2025 के आखिरी तीन महीनों में खर्च राजस्व से ज्यादा बढ़ा। इससे प्रॉफिट कम हुआ। घोषणा के बाद मेटा के शेयर 6.5% बढ़े।
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ज़करबर्ग ने कहा कि AI से अब एक व्यक्ति बड़ी टीम का काम कर सकता है। इससे कंपनी में और छंटनी हो सकती है। इस साल मेटा ने रियलिटी लैब्स में सैकड़ों कर्मचारियों को निकाला। यह डिवीजन मेटावर्स, हार्डवेयर और AI पर काम करता है।
मेटा AI टूल्स में निवेश कर रही है। ये टूल्स इंजीनियरों को ज्यादा उत्पादक बनाते हैं। ज़करबर्ग बोले कि अच्छे इस्तेमाल करने वालों और न करने वालों में बड़ा फर्क है। AI एजेंट्स अब असली काम कर रहे हैं।
इंडस्ट्री में AI बबल की चेतावनी है। सिस्को के चक रॉबिंस ने कहा कि कुछ कंपनियां टिक नहीं पाएंगी। जेपीमॉर्गन के जेमी डिमोन ने भी चिंता जताई। गूगल के सुंदर पिचाई ने अतार्किकता बताई। ओपनAI के सैम ऑल्टमैन ने कहा कि निवेशक बहुत उत्साहित हैं।



