सिंगरौली जिले के माडा क्षेत्र में सरकारी राशन व्यवस्था पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब एक उचित मूल्य दुकान में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया। निरीक्षण के दौरान दुकान में बड़ी मात्रा में अतिरिक्त खाद्यान्न मिला, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए।
औचक निरीक्षण में खुली गड़बड़ी
14 मई 2026 को रीवा संभाग के आयुक्त बीएस जामोद और सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल के भ्रमण के दौरान माडा थाना क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान कर्मुआराजा का औचक निरीक्षण किया गया।
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दोपहर करीब 1 बजे से 3 बजे तक चली जांच में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सम्मी कुमार पटले ने दुकान के स्टॉक और पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान किया। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
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रिकॉर्ड से ज्यादा मिला राशन
जांच में दुकान के भीतर 85.91 क्विंटल गेहूं, 59.5 क्विंटल चावल और 22.65 क्विंटल नमक अतिरिक्त पाया गया। यह मात्रा पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक से काफी ज्यादा थी।
अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त खाद्यान्न की कुल बाजार कीमत करीब 3 लाख 61 हजार 388 रुपये आंकी गई है। पूरे स्टॉक को तत्काल जब्त कर लिया गया।
प्रशासन का मानना है कि यह मामला सरकारी राशन की हेराफेरी और वितरण प्रणाली में गंभीर लापरवाही से जुड़ा हो सकता है।
विक्रेता के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्तर से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी माडा के आदेश पर उचित मूल्य दुकान के विक्रेता संजय कुमार पाण्डेय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
माडा थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत अपराध क्रमांक 0336/2026 दर्ज कर लिया है।



