भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने फिर आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शनिवार 27 सितम्बर 2025 को जारी आदेश में 18 आईएएस और 8 राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) अधिकारियों का तबादला किया गया।इस बार की तबादला सूची में ज्यादातर आईएएस अधिकारी वर्ष 2016 से 2023 बैच के हैं। इनमें से अधिकतर को जिला पंचायतों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस कदम को बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश शासन ने 27 सितम्बर 2025 की आधी रात को बड़ा तबादला आदेश जारी किया। इसमें 18 IAS और 8 राप्रसे अधिकारियों के तबादले किए गए। कई अधिकारियों को जिला पंचायतों में सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी गई।
Also Read
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं–
संजना जैन (2016) – सीईओ जिला पंचायत सतना से मैहर की अपर कलेक्टर बनीं।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
जगदीश कुमार गोमे (2016) – पर्यटन विभाग से हटकर सिंगरौली जिला पंचायत के सीईओ बने।
हरसिमरनप्रीत कौर (2018) – भोपाल से कटनी जिला पंचायत की सीईओ नियुक्त।
अंजली जोसेफ जोनाथन (2018) – हरदा जिला पंचायत की सीईओ बनीं।
सोजान सिंह रावत (2018) – नर्मदापुरम से ग्वालियर जिला पंचायत के सीईओ बने।
सृष्टि देशमुख गौड़ा (2019) – खंडवा की अपर कलेक्टर नियुक्त।
निधि सिंह (2019) – ग्वालियर से इंदौर की अपर श्रम आयुक्त बनीं।
हिमांशु जैन (2020) – नर्मदापुरम जिला पंचायत के सीईओ बने।
सर्जना यादव (2020) – सीहोर जिला पंचायत की सीईओ नियुक्त।
वैशाली जैन (2021) – रतलाम जिला पंचायत की सीईओ और अपर कलेक्टर बनीं।
दिव्यांशु चौधरी (2021) – डिण्डोरी जिला पंचायत के सीईओ और अपर कलेक्टर बने।
सृजन वर्मा (2021) – बुरहानपुर जिला पंचायत के सीईओ बने।
अर्चना कुमारी (2021) – अनूपपुर जिला पंचायत की सीईओ और अपर कलेक्टर बनीं।
शिवम प्रजापति (2021) – शहडोल जिला पंचायत के सीईओ बने।
सौम्या आनंद (2021) – श्योपुर जिला पंचायत की सीईओ और अपर कलेक्टर बनीं।
आकिप खान (2023) – पिपरिया के एसडीओ (राजस्व) बने।
पंकज वर्मा (2023) – खंडवा पुनासा के एसडीओ (राजस्व) बने।
सपना अनुराग जैन – इंदौर में अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण बनीं।
इस तबादला आदेश से स्पष्ट है कि सरकार ने युवा और नए आईएएस अधिकारियों पर ज्यादा भरोसा जताया है। जिला पंचायतों में सीईओ की जिम्मेदारी देकर सरकार ने विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने का संकेत दिया है।



