कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक के बाद एक सख्त कार्रवाई करते हुए साफ संकेत दिया है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 30 जनवरी 2026 को सामने आए मामलों में एक ओर पुलिस इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया, वहीं दूसरी ओर आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक पूर्व अधिकारी को सजा सुनाई गई है। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों की अवैध संपत्ति उजागर हुई है।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया पुलिस इंस्पेक्टर
बेंगलुरु के केपी अग्रहर पुलिस थाने में तैनात इंस्पेक्टर गोविंदराजू को लोकायुक्त पुलिस ने 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को चिट फंड धोखाधड़ी मामले में झूठा फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग की थी।
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शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और सिरसी सर्कल के पास स्थित सीएआर ग्राउंड इलाके में आरोपी को नकद लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में कोई अन्य अधिकारी तो शामिल नहीं था।
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The Lokayukta police on Wednesday trapped an inspector attached to the K.P. Agrahara police station in #Bengaluru while he was allegedly accepting a bribe of ₹4 lakh in connection with a chit fund-related case.
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— Darshan Devaiah B P (@DarshanDevaiahB) January 30, 2026
पूर्व एक्साइज अधिकारी को तीन साल की सजा
एक अन्य बड़े मामले में बेंगलुरु की 77वीं अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सत्र अदालत ने चिकबल्लापुर जिले के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (एक्साइज) एस. श्रीनिवास मूर्ति को दोषी करार दिया है।
अदालत ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में तीन साल की साधारण कैद और 1 करोड़ 34 लाख 18 हजार 645 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उन्हें एक साल की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, वर्ष 1978 से 2014 के बीच मूर्ति के पास उनकी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति पाई गई थी। वर्ष 2014 में हुई छापेमारी के दौरान करीब 1.22 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति सामने आई थी।
26 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा, कई ठिकानों पर छापे
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए लोकायुक्त पुलिस ने शिवमोग्गा वन विभाग में हाल ही में स्थानांतरित सहायक आयुक्त तेजस कुमार एन से जुड़े पांच से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई में करीब 26 करोड़ 55 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास
- 4 कीमती साइट
- 8 मकान
- 14 एकड़ कृषि भूमि
- लगभग 92 लाख रुपये कीमत के वाहन
- 50 हजार रुपये नकद
बरामद किए गए हैं। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 25 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले में बेंगलुरु सिटी लोकायुक्त थाने में केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।



