Urjanchal Tiger
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण संपन्न

Om Prakash Shah

Author | Updated: 27 Oct 2026, 07:45 AM IST | 1 min read
Share:
Advertisement

सिंगरौली। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला सिंगरौली के निर्देशन में विकासखंड चितरंगी के नवांकुर सेक्टर अंतर्गत पांच ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों एवं नवांकुर सखियों के लिए रविवार को शासकीय स्व. जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय चितरंगी में एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

ग्रामीण विकास को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला सिंगरौली के निर्देशन में रविवार को शासकीय स्व. जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय चितरंगी में एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। रामचंद्र सेवा समिति चितरंगी के तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में नवांकुर सेक्टर चितरंगी की पांच ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों एवं नवांकुर सखियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्फुटन समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत बनाना रहा।

प्रशिक्षण सत्र में प्रस्फुटन समितियों की अवधारणा, गठन एवं कार्यप्रणाली के साथ नवांकुर योजना, लक्ष्य सृजन योजना और मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की जानकारी दी गई। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सामाजिक सुधार, नशामुक्ति और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने कहा कि ग्राम विकास में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रस्फुटन समितियां शासन की योजनाओं और ग्रामीणों के बीच प्रभावी कड़ी बनकर पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में समितियों के अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण और दस्तावेजीकरण की जानकारी दी गई। नवांकुर संस्था रामचंद्र सेवा समिति चितरंगी के सचिव रजनीश साहू ने बैठकों की कार्यवाही, उपस्थिति, गतिविधियों और प्रस्तावों का नियमित रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित दस्तावेजीकरण से समितियों के कार्यों में पारदर्शिता बनी रहती है और उनकी उपलब्धियों का प्रमाणिक विवरण तैयार होता है। जिला समन्वयक राजकुमार विश्वकर्मा ने समितियों से गांव की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा शासन और ग्रामीण समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया।

Advertisement