सिंगरौली जिले के ग्राम चरगोड़ा में एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान सिराज खान के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, वहीं परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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परिजनों का आरोप : पुलिस प्रताड़ना से था मानसिक रूप से परेशान
मृतक के परिजनों का कहना है कि सिराज खान को बलसोता पुलिस चौकी में कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। परिजनों का आरोप है कि उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और पुलिस द्वारा उस पर एक लाख रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था।
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परिजनों के अनुसार, इसी मानसिक तनाव और भय के कारण सिराज ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

लड़की को भगाने के शक में दर्ज हुआ था केस
परिजनों ने बताया कि विश्वकर्मा परिवार द्वारा लड़की को भगाने के संदेह में सिराज खान के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस उसी मामले को लेकर उससे पूछताछ कर रही थी।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि सिराज का इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं था और उसे बेवजह फंसाया गया।
कॉल रिकॉर्डिंग का दावा, बयान ने खोले कई राज
परिजनों ने एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित लड़की ने स्वयं स्वीकार किया है कि
“सिराज ने मुझे नहीं भगाया, हम अपनी मर्जी से बाहर आए थे।”
इसके बावजूद सिराज पर लगातार दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
परिजनों का कहना है कि पुलिस प्रताड़ना और सामाजिक दबाव के कारण ही सिराज ने आत्महत्या की। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
इस मामले में जब गोभा चौकी प्रभारी से बात करने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने यह कह कर फोन काट दिया की नेटवर्क नहीं है।



