मंगलवार 10 मार्च 2026 की सुबह भारत के पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और नागालैंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई इलाकों में लोगों ने हल्का कंपन महसूस किया, जिससे कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार सबसे तेज झटका अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग क्षेत्र में दर्ज किया गया। यहां भूकंप की तीव्रता लगभग 3.0 मापी गई और इसका केंद्र करीब 5 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले इसी क्षेत्र में 2.6 तीव्रता का एक और हल्का झटका भी रिकॉर्ड किया गया।
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वहीं नागालैंड के वोखा इलाके में भी देर रात करीब 12 बजे के बाद भूकंप का झटका महसूस किया गया। यहां रिक्टर स्केल पर तीव्रता करीब 2.9 मापी गई। इसके अलावा सिक्किम के नामची क्षेत्र में भी करीब 1 बजे के आसपास 2.3 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया।
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विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आसपास के इलाके हिमालयी भूकंपीय पट्टी में आते हैं। यहां भारतीय और यूरेशियन प्लेटों की टक्कर के कारण धरती के भीतर लगातार दबाव बनता रहता है, जिसकी वजह से छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।
पिछले कुछ दिनों में भी इस क्षेत्र में कई बार हल्के झटके दर्ज किए गए हैं। हालांकि इनकी तीव्रता कम होने के कारण आमतौर पर जान-माल का नुकसान नहीं होता, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखता है।
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि भूकंप के दौरान घबराएं नहीं और खुले स्थान पर जाने की कोशिश करें। साथ ही घरों और इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन करना भी जरूरी बताया गया है।



