रायपुर। छत्तीसगढ़ में जेल प्रबंधन ने एक नया कीर्तिमान रचा है। राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों – रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर – को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन आईएसओ सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन 11 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से सौंपा गया। प्रमाणन संस्था ने इन जेलों का गहन निरीक्षण किया था। सभी जगह प्रबंधन ने उच्च मानकों का पालन सिद्ध किया।
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ जेल विभाग के लिए गर्व का विषय है। आईएसओ प्रमाणन राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर के गुणवत्ता मापदंडों पर आधारित होता है। जेलों में कैदियों के लिए बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। निरीक्षण टीम ने सुविधाओं, सफाई, स्टाफ प्रशिक्षण और दस्तावेजीकरण की जांच की। चारों जेलें हर बिंदु पर सफल रहीं।
Also Read
केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक ने बताया कि आईएसओ प्रक्रिया जून 2025 से शुरू हुई थी। इसमें कई चरणों वाले ऑडिट शामिल थे। प्रमाणन मिलने से अब जेलें विश्व स्तर की सेवाएं प्रदान करेंगी। इसी तरह दुर्ग जेल में कैदी सुधार कार्यक्रम मजबूत हुए हैं। बिलासपुर और अंबिकापुर जेलों ने भी डिजिटल रिकॉर्ड और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखाया।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
12 फरवरी 2026 तक की ताजा अपडेट्स के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सफलता पर जेल अधिकारियों को बधाई दी है। राज्य के गृह विभाग ने घोषणा की कि अन्य जेलों में भी आईएसओ प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इससे कैदियों के पुनर्वास और सुरक्षा में नया आयाम जुड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अपराध सुधार प्रणाली को मजबूत बनाएगा।
आईएसओ सर्टिफिकेशन जेलों की दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ अब अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा। कैदी सुधार, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर अब अधिक फोकस होगा। यह विकास राज्य की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देगा।



