मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों के बच्चों की पढ़ाई के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर चौथे बच्चे की फीस प्राइवेट स्कूलों में सरकार दे रही है। अब अगले सत्र से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ने वाले बच्चों को किताबें और बैग भी मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज मध्यप्रदेश सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में गिना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा और किसान कल्याण से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को फीस, किताबें और बैग, किसानों को बोनस और भावांतर योजना का लाभ मिलेगा।
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शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय खोले गए हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चों को साइकिल, ड्रेस और किताबें मुफ्त दी जा रही हैं। अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा रहा है।
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खिरकिया कार्यक्रम में घोषणाएं
मुख्यमंत्री सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान 20 हजार 652 निजी विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से दिए गए। डॉ. यादव ने 72 किलोमीटर लंबी आशापुर-हरदा सड़क बनाने की भी घोषणा की। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री कमल पटेल मौजूद रहे।
किसानों के लिए राहत
डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। किसानों को गेहूं पर 175 रुपये बोनस देकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दिलाया गया है। अब सोयाबीन किसानों को 5328 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने का संकल्प लिया गया है। मूंग और धान किसानों को भी उचित मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधा
मुख्यमंत्री ने हरदा में हुई विस्फोट दुर्घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य किए। अब बीमार और घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए “पीएमश्री एयर एंबुलेंस” सेवा शुरू की गई है।
भारतीय संस्कृति और गुरु का महत्व
अपने संबोधन में डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख किया। साथ ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस के संघर्ष को याद करते हुए युवाओं से प्रेरणा लेने की बात कही।



