मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल और उगाही का आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अपराध में इस्तेमाल किए गए चार वाहनों को जब्त किया है, जिनमें एक थार SUV भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में संगठित तरीके से अपराध को अंजाम दिया गया और पीड़िता को धमकाकर पैसे की मांग की गई। घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी औसाफ अली खान को 3 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, उसके कथित सहयोगी माज खान, जो शहर में एक जिम संचालित करता है, को 8 फरवरी को हिरासत में लिया गया। फिलहाल वह कोहेफिजा थाना पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है।
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SIT गठित, ACP के नेतृत्व में जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम की कमान ACP अंकिता खातराकर को सौंपी गई है। SIT पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
कार के अंदर वारदात, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता के साथ चार अलग-अलग वाहनों में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ने खानूगांव इलाके में थार SUV के अंदर घटना को अंजाम दिया, जबकि उसका साथी बाहर खड़ा रहा।
पुलिस के मुताबिक, घटना का वीडियो मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया गया, जिसे बाद में पीड़िता को धमकाने और 40 हजार रुपये की मांग करने के लिए इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे दोबारा शोषण के लिए मजबूर किया गया।

वाहन बरामद, मोबाइल की तलाश जारी
अपराध में प्रयुक्त थार SUV को सीहोर जिले के एक गांव में छिपाकर रखा गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। हालांकि, जिस मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया गया था, वह अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। उसकी तलाश जारी है।
पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई
जांच के दौरान कोहेफिजा थाने में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। आरोप है कि उसने मामले से जुड़ी गोपनीय जानकारी आरोपियों तक पहुंचाई। इस पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।



