सिंगरौली, 16 फरवरी 2026। कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में बीएस जामोद ने रीवा संभाग के जिलों में चल रहे राजस्व कार्यों की समीक्षा की। बैठक में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़े प्रकरणों पर विशेष चर्चा की गई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में राजस्व प्रकरण 6 माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए। जो प्रकरण समय सीमा से बाहर हो चुके हैं, उनकी शीघ्र सुनवाई कर तत्काल निराकरण किया जाए।
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि 6 महीने से अधिक लंबित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के सभी प्रकरण शीघ्र निराकृत किए जाएं।
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बंटवारा और सीमांकन पर सख्ती
कमिश्नर ने कहा कि बंटवारा का कोई भी प्रकरण तीन माह से अधिक लंबित न रहे। बंटवारा और सीमांकन के बाद उनका अमल दरामद अनिवार्य रूप से कराया जाए। राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अधिक समय से लंबित मामलों की तहसीलवार समीक्षा करें। आरसीएमएस पोर्टल में कोई भी प्रकरण दो वर्ष से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए।
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जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश
कमिश्नर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी योजना और आरसीएमएस पोर्टल में समय सीमा से बाहर प्रकरण पाए जाने पर संबंधित राजस्व अधिकारियों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
राजस्व वसूली पर जोर
बैठक में बताया गया कि संभाग में केवल सिंगरौली जिले की राजस्व वसूली संतोषजनक है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि बड़े बकायादारों से कठोरता से वसूली की जाए। धारणाधिकार योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने राशि जमा नहीं की है, उन्हें पट्टा निरस्तीकरण का नोटिस जारी किया जाए। सीधी, मैहर और मऊगंज जिलों को राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना
किसानों की फार्मर रजिस्ट्री के लिए लगातार शिविर लगाने को कहा गया। इन शिविरों में ग्राम रोजगार सहायक, पटवारी और आरएईओ को शामिल करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि हर हाल में 15 मार्च तक शेष लक्ष्य का 70 प्रतिशत हासिल किया जाए। स्वामित्व योजना में सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों को भू-स्वामित्व पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
ई-ऑफिस और सीएम हेल्पलाइन
कमिश्नर ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली में रीवा संभाग प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। सीधी, सतना, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज जिलों में इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए। हर फाइल और पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही स्वीकार किया जाए। सीएम हेल्पलाइन में किसी भी प्रकरण को नॉन अटेंडेड न छोड़ने के निर्देश दिए गए। 100 दिन से अधिक लंबित मामलों के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।



